सबसे तेज खबर/ पांवटा साहिब
भारतीय प्रबंध संस्थान सिरमौर का 10वाँ वार्षिक दीक्षांत समारोह रविवार को इसके स्थायी परिसर में हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया। यह अवसर संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता, वैश्विक सहभागिता और राष्ट्र-निर्माण की दस वर्ष की यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुआ। समारोह में सिद्धार्थ शर्मा (सीईओ, टाटा ट्रस्ट्स) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि अजय एस. श्रीराम ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। कार्यक्रम की शुरुआत शैक्षणिक प्रोसेशन के साथ हुई। संस्थान के निदेशक डॉ. प्रफुल्ल वाई. अग्निहोत्री ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि संस्थान ने शैक्षणिक, अनुसंधान और प्लेसमेंट के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। इस वर्ष 400 से अधिक कंपनियों ने भागीदारी की, जिनमें लगभग 220 कंपनियों ने अंतिम प्लेसमेंट में हिस्सा लिया और 250 से अधिक ऑफर दिए। औसत पैकेज ₹15.9 लाख तथा उच्चतम ₹30 लाख प्रति वर्ष रहा। उन्होंने बताया कि संस्थान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति मजबूत करते हुए RWTH Aachen University सहित कई वैश्विक संस्थानों के साथ साझेदारी की है। इसके अलावा स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग प्रोग्राम (PGPEX-LSM) का पहला बैच भी इस वर्ष पास आउट हुआ। दीक्षांत समारोह में कुल 300 से अधिक छात्रों को विभिन्न प्रबंधन कार्यक्रमों में डिग्रियाँ प्रदान की गईं। एमबीए कार्यक्रम में केशव जसवाल को चेयरमैन गोल्ड मेडल, जबकि यश मुनोट को डायरेक्टर गोल्ड मेडल और सर्वश्रेष्ठ सर्वांगीण प्रदर्शन का सम्मान मिला। मुख्य अतिथि सिद्धार्थ शर्मा ने अपने संबोधन में छात्रों को विनम्रता, नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि सफलता का वास्तविक मापदंड समाज पर सकारात्मक प्रभाव है। अध्यक्ष अजय एस. श्रीराम ने बदलते व्यावसायिक माहौल में नेतृत्व, अनुकूलनशीलता और मूल्यों की महत्ता पर जोर दिया। समारोह का समापन उत्साह और गर्व के माहौल में हुआ, जो आईआईएम सिरमौर के अगले दशक की नई शुरुआत का प्रतीक बना।
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