हिमाचल प्रदेश /शिमला
हिमाचल प्रदेश में 5 से 9 जुलाई तक मौसम का मिजाज बिगड़ा रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के मुताबिक निचले पहाड़ी, मैदानी इलाकों, मध्य पहाड़ियों और ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी, जबकि कुछ क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। 6 और 7 जुलाई को बारिश की तीव्रता अपने चरम पर रहने वाली है। विशेष रूप से 6 जुलाई की दोपहर से 7 जुलाई की दोपहर तक निचले पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों के अलावा मध्य पहाड़ी इलाकों में बहुत भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। राज्य में अब तक भारी बारिश से हालात बिगड़ चुके हैं। शुक्रवार सुबह 10 बजे तक 280 सड़कें आवाजाही के लिए बंद पड़ी थीं। इनमें सबसे ज्यादा 156 सड़कें मंडी जिले में बंद हैं। सिरमौर में 49, कुल्लू में 36 और शिमला में 19 सड़कें बाधित हैं। 332 बिजली ट्रांसफार्मर और 784 जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। बीते 24 घंटों के दौरान अगाहर में 71.4 मिमी, घाघस में 38.6 मिमी, सराहन में 36.5 मिमी, शिमला में 36.4 मिमी, नगरोटा सूरियां में 31.4 मिमी, कंडाघाट में 31.0 मिमी, नेरी में 29.5 मिमी, करसोग में 27.4 मिमी, मुरारी देवी में 24.4 मिमी, कांगड़ा में 22.7 मिमी और पालमपुर में 21.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
अलर्ट की स्थिति
5 जुलाई: कांगड़ा, मंडी में भारी से बहुत भारी वर्षा; चंबा, सिरमौर, शिमला और कुल्लू में भारी बारिश। 6 जुलाई: कांगड़ा, सिरमौर और मंडी में बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट; ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, सोलन, शिमला और कुल्लू में भारी से बहुत भारी वर्षा। 7 जुलाई: ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, मंडी, सिरमौर, सोलन, शिमला और कुल्लू में ऑरेंज अलर्ट के तहत भारी बारिश। 8 जुलाई: इन सभी जिलों में भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी। एहतियात बरतें प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के किनारे न जाने, अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है। एनडीआरएफ और राज्य आपदा प्रबंधन की टीमें अलर्ट पर हैं।
Discover more from सबसे तेज़ खबर
Subscribe to get the latest posts sent to your email.

👍👍
LikeLike