सबसे तेज खबर/ हिमाचल प्रदेश

हिमाचल प्रदेश के करीब 28 लाख बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिली है। राज्य विद्युत विनियामक आयोग द्वारा जारी नई दरों के अनुसार बिजली की औसत लागत में मामूली कमी आई है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए यह लागत 6.75 रुपये प्रति यूनिट तय की गई है, जो पिछले वर्ष के 6.76 रुपये प्रति यूनिट से एक पैसा कम है। हालांकि यह राहत सीमित है, लेकिन औद्योगिक उपभोक्ताओं को इसका सबसे अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है, जहां बिजली की खपत ज्यादा होती है। वहीं, घरेलू उपभोक्ताओं को पहले की तरह 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलती रहेगी। दूसरी ओर, प्रदेश में शराब के शौकीनों को अब ज्यादा कीमत चुकानी होगी। नई सप्लाई के साथ शराब के दाम 80 से 200 रुपये तक बढ़ने की संभावना है। सरकार ने इस बार ठेकों की नीलामी 10 फीसदी अधिक रिजर्व प्राइस पर की है। खास बात यह है कि कुल्लू और लाहौल-स्पीति के सभी ठेके तेलंगाना की एक कंपनी ने हासिल कर लिए हैं, जबकि अन्य जिलों में अभी भी कई ठेके लंबित हैं। पहली बार खुदरा शराब ठेकों के लिए ई-नीलामी प्रक्रिया अपनाई गई है।

परिवहन क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव हुआ है। एचआरटीसी बसों में महिलाओं को किराये में 50 फीसदी छूट अब “हिम बस कार्ड” के माध्यम से ही मिलेगी। कार्ड न होने पर पूरा किराया देना होगा। हालांकि सरकारी स्कूलों के छात्रों को राहत देते हुए कार्ड बनाने की समय सीमा 31 मई तक बढ़ा दी गई है, और तब तक उन्हें पहले की तरह मुफ्त यात्रा सुविधा जारी रहेगी। इसके साथ ही बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों पर प्रवेश शुल्क की नई दरें भी लागू कर दी गई हैं। पांच से 12 सीटर निजी वाहनों को अब 100 रुपये शुल्क देना होगा। वहीं, 12 सीटर तक की टैक्सियों को शुल्क से छूट दी गई है। प्रदेश के 55 टोल बैरियरों पर यह व्यवस्था लागू होगी और कुछ बैरियरों को फास्टैग से भी जोड़ा गया है। स्थानीय निवासियों के लिए रियायती पास की व्यवस्था को भी विस्तारित किया गया है।

वित्तीय दबाव को देखते हुए सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। मंत्रियों, विधायकों और वरिष्ठ अधिकारियों के वेतन का 20 से 30 फीसदी हिस्सा अगले छह महीने के लिए स्थगित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्वयं अपने वेतन का 50 फीसदी टालने का निर्णय लिया है। यह कदम प्रदेश की वित्तीय स्थिति को संभालने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, 31 मार्च को वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन प्रदेशभर के बैंकों और सरकारी दफ्तरों में देर रात तक कामकाज चलता रहा। सरकारी लेनदेन निपटाने के लिए बैंक शाखाएं देर तक खुली रहीं और बीमा कार्यालयों में भी भारी गतिविधि देखने को मिली। 1 अप्रैल को लेखाबंदी के कारण बैंकों में सामान्य कामकाज प्रभावित रहेगा। कुल मिलाकर, नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ हिमाचल प्रदेश में राहत और महंगाई—दोनों के संकेत साफ नजर आ रहे हैं, जिनका असर आने वाले समय में और स्पष्ट होगा।


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