सबसे तेज खबर/नाहन
नाहन-पांवटा साहिब नेशनल हाईवे पर स्थित सतीवाला पंचायत में पिछले दिनों बकरी फार्म में तेंदुए के घुसने और कुत्तों द्वारा मालिक को बचाने की जो कहानी सामने आई थी, उसने अब एक सनसनीखेज और आपराधिक मोड़ ले लिया है। जिस घटना को पहले वफादारी और आत्मरक्षा का उदाहरण बताया जा रहा था, वह असल में वन्यजीव क्रूरता का एक गंभीर मामला निकला है। पुलिस और वन विभाग की संयुक्त जांच में यह खुलासा हुआ है कि तेंदुए के साथ बर्बरता की गई थी। घटना के बाद रेस्क्यू किए गए तेंदुए की शिमला में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई थी। जब तेंदुए का पोस्टमार्टम किया गया, तो रिपोर्ट में एक चौंकाने वाली बात सामने आई। तेंदुए के बाएं अगले पैर का पंजा 4 नाखूनों सहित गायब था। फॉरेंसिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि पंजा किसी हादसे में नहीं टूटा था, बल्कि उसे किसी धारदार हथियार से जानबूझकर काटा गया था। इस रिपोर्ट के बाद पुलिस और वन विभाग ने मामले की तह तक जाने के लिए आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पहले ही तेंदुए के पंजे और नाखून निकालने की योजना बनाई थी। इसके लिए वे दरांत और कुल्हाड़ी जैसे हथियार लेकर शेड में दाखिल हुए थे। जांच के दौरान मुख्य आरोपी शक्ति उर्फ बंटी और उसके साथी नीरज के घर की तलाशी ली गई, जहाँ न केवल हथियार बरामद हुए बल्कि पिंजरे में कैद दो प्रतिबंधित तोते भी मिले। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9, 39 और 51 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
वन परिक्षेत्र अधिकारी की शिकायत पर थाना सदर नाहन में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इन आरोपियों का संबंध किसी अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी गिरोह से तो नहीं है। यह मामला समाज के लिए एक बड़ा सबक है कि वन्यजीवों के साथ क्रूरता को ‘आत्मरक्षा’ का नाम देकर छिपाया नहीं जा सकता। फिलहाल, पुलिस विभाग इस मामले में आगे की कड़ियां जोड़ रहा है ताकि इस अपराध के पीछे के सभी चेहरों को बेनकाब किया जा सके।
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