गारंटीड मुनाफे” का झांसा: सोलन के कारोबारी से ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 3.42 करोड़ की ठगी..
सबसे तेज खबर / सोलन
मोबाइल की स्क्रीन पर चमकते मुनाफे के आंकड़े, व्हाट्सएप ग्रुप में रोज़ आती “सफल निवेशकों” की कहानियां और खुद को मार्केट एक्सपर्ट बताने वाले सलाहकार, यही वह जाल था, जिसमें सोलन जिले का एक कारोबारी फंस गया। नतीजा यह हुआ कि ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग और निवेश के नाम पर साइबर ठगों ने उससे 3.42 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित की शिकायत पर साइबर पुलिस स्टेशन शिमला में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार कारोबारी को अलग–अलग व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए निशाना बनाया गया।
ये ग्रुप्स खुद को पेशेवर शेयर ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म बताते थे, जिनके नाम “VSL NHW,” “LKP NHWL” और “Shoonyamax” थे। इन ग्रुप्स को चलाने वाले लोग Siya Arora, Deepa Rasimane और Chaankya जैसे आकर्षक लेकिन नकली नामों का इस्तेमाल कर रहे थे। वे खुद को अनुभवी निवेश सलाहकार और मार्केट विशेषज्ञ बताकर भरोसा जीतने में सफल रहे। शिकायत में बताया गया है कि इन ग्रुप्स में लगातार मुनाफे के स्क्रीनशॉट, झूठी सफलता की कहानियां और फर्जी प्रशंसापत्र साझा किए जाते थे।
कारोबारी को यह विश्वास दिलाया गया कि निवेश “बिल्कुल सुरक्षित” है और इसमें “गारंटीड रिटर्न” मिलेगा। यही वह बिंदु था, जहां सावधानी की जगह लालच ने ले ली। ठगों ने पीड़ित को नकली ट्रेडिंग एप्स डाउनलोड करने और फर्जी वेबसाइट्स पर लॉगिन करने के लिए कहा, जो दिखने में बिल्कुल असली शेयर ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म जैसे थे। इन प्लेटफॉर्म्स पर खाते का बैलेंस और मुनाफा भी बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जाता रहा, जिससे भरोसा और मजबूत होता गया।
धीरे–धीरे कारोबारी ने कई बैंक खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर कर दी। बाद में जांच में ये खाते “म्यूल अकाउंट्स” निकले—ऐसे खाते, जिनका इस्तेमाल साइबर अपराधी अवैध पैसों को इधर–उधर करने के लिए करते हैं। जब कारोबारी ने मुनाफा या मूल राशि निकालने की कोशिश की तो उससे ‘टैक्स’, ‘प्रोसेसिंग चार्ज’ और ‘अकाउंट अनलॉक फीस’ के नाम पर और पैसे मांगे गए। इसके बाद सभी संपर्क अचानक टूट गए। व्हाट्सएप ग्रुप्स या तो बंद हो गए या फिर उनका एक्सेस ही खत्म हो गया। साइबर पुलिस का कहना है कि इस मामले में धोखाधड़ी, पहचान की चोरी, आपराधिक साजिश और साइबर फ्रॉड के स्पष्ट संकेत मिले हैं।
पुलिस बैंक लेनदेन की कड़ियां जोड़ने, लाभार्थी खातों की पहचान करने और उन्हें फ्रीज कराने की दिशा में काम कर रही है। पुलिस ने आम लोगों को सतर्क करते हुए कहा है कि अनचाहे व्हाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप्स के जरिए निवेश करने से बचें। शेयर बाजार में “निश्चित” या “गारंटीड” रिटर्न का दावा करने वाले लोग लगभग हमेशा धोखेबाज होते हैं। ट्रेडिंग एप्स केवल आधिकारिक स्टोर और सेबी–मान्यता प्राप्त ब्रोकर के माध्यम से ही डाउनलोड करें। किसी अज्ञात खाते या यूपीआई में पैसा भेजने से पहले पूरी जांच करें और कभी भी अपनी निजी जानकारी जैसे बैंक डिटेल्स, पैन, आधार, ओटीपी या स्क्रीन शेयरिंग साझा न करें।
गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में साइबर फ्रॉड के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। हाल ही में शिमला में एक रिटायर्ड कर्मचारी को सीबीआई अफसर बनकर “डिजिटल अरेस्ट” करने का डर दिखाकर 1.18 करोड़ रुपये की ठगी का मामला भी सामने आया था। ये घटनाएं साफ संकेत देती हैं कि डिजिटल दुनिया में थोड़ी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है।
Discover more from सबसे तेज़ खबर
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
