मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना के माध्यम से किसान हो रहे खुशहाल…
सबसे तेज खबर/शिमला
प्रदेश में किसानों कि मेहनत सुरक्षित रखने तथा उनकी आय संसाधनों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा बहुत सी जन हितैषी तथा कल्याणकारी योजनाएं प्रदेश के किसानों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से क्रियान्वित की जा रही है, साथ ही इन योजनाओं का लाभ उठाकर किसान भी लाभान्वित हो रहे हैं। प्रदेश सरकार द्वारा किसानों की फसलों को सुरक्षित करने के उद्देश्य से प्रदेश में मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की फसलों को पशुओं व जंगली जानवरों के नुकसान से बचाना तथा किसानों की मेहनत को सुरक्षा प्रदान कर उनकी आय संसाधनों को सशक्त बनाना है।
ऐसे ही मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना के लाभार्थी करनेल सिंह सुपुत्र ओंकार सिंह जोकि पांवटा साहिब के हरिपुर टोहाना के निवासी हैं, उन्होंने बताया कि उनका परिवार पीढ़ी दर पीढ़ी खेती करता आ रहा है लेकिन हर वर्ष जंगली जानवरों और पशुओं के कारण उन्हें भारी नुकसान झेलना पड़ता था पूरी मेहनत के बावजूद उपज बहुत कम तथा आमदनी घटती जा रही थी। उन्होंने बताया कि उनकी ज़मीन का कुछ हिस्सा जंगल के साथ लगता है जहां से जंगली जानवर खेतों में घुसकर फसलों को नष्ट कर देते थे। उन्होंने बताया कि वह रात-रात भर जागकर अपनी फसलों की रखवाली करते परंतु फिर भी जंगली जानवरों तथा पशुओं से फसलों को बचा पाना मुश्किल हो रहा था। उन्होंने कहा कि इन स्थितियों में खेती घाटे का सौदा लगने लगी थी, उनके साथ गाँव के अधिकांश किसान इसी समस्या से जूझ रहे थे।
उन्होंने बताया कि इन परिस्थितियों में मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना किसानों के लिए नई उम्मीद लेकर आई। जब करनेल सिंह को पता चला कि मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना के तहत सरकार खेतों के चारों ओर सौर ऊर्जा आधारित बाड़ लगाने के लिए 70 प्रतिशत अनुदान राशि प्रदान करती है तो उन्होंने तुरंत इस योजना की पूर्ण जानकारी प्राप्त करना आरंभ किया। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग के अधिकारियों ने उनका मार्गदर्शन किया, जिसके उपरांत उन्होंने तीन क्लस्टर बनाकर आवश्यक दस्तावेजों सहित पूर्ण प्रक्रिया के साथ आवेदन किया। उन्होंने बताया कि विभागीय प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत सोलर फ़ेंसिंग हेतु 23 लाख 12 हज़ार की राशि स्वीकृत की गई जिसमें 70 प्रतिशत के हिसाब से 16 लाख 18 हज़ार का अनुदान प्रदेश सरकार द्वारा दिया गया। उन्होंने बताया कि कुछ ही महीनों में उनके तीनों क्लस्टरों की लगभग 95 बीघा भूमि के चारों ओर सोलर फ़ेंसिंग करवा दी गई। उन्होंने बताया कि इस सोलर फ़ेंसिंग से न केवल जंगली जानवरों का खेतों में प्रवेश बंद हुआ बल्कि उनकी पूरी फसलें बच सकी, जिससे उनकी मेहनत सुरक्षित हुई साथ ही उनकी आमदनी में भी भारी बढ़ोतरी हुई।
करनेल सिंह का कहना है कि पहले खेती घाटे का सौदा लगने लगी थी, लेकिन अब मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना की मदद से हमें फिर से खेती में भरोसा मिला है, अब डर नहीं लगता कि जंगली जानवर रातों रात फसल बर्बाद कर देंगे। करनेल सिंह ने अपने पूरे परिवार की ओर से किसानों को लाभान्वित करने के उदे्दश्य से चलायी गई मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का बहुत-बहुत आभार व्यक्त किया है। कृषि विकास अधिकारी पांवटा साहिब मंजीत सिंह ने योजना की जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना के तहत सौर बाड़बंदी की जाती है जिसमें चार फुट तक जालीदार तथा उसके ऊपर तीन तारें लगायी जाती है। इस बाड़बंदी में सौर ऊर्जा के माध्यम से करंट का संचालन भी किया जाता है ताकि पशु तथा जंगली जानवर फसलों से दूर रह सकें। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत किसानों को खेतों की परिधि पर सौर ऊर्जा आधारित बाड़ लगाने के लिए 70 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जाती है। उन्होंने बताया कि यह बाड़ जानवरों के शरीर को नुकसान नहीं पहुंचाती, केवल उन्हें खेत में घुसने से रोकती है।
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