सबसे तेज़ खबर/उत्तराखंड
भराड़ीसैण (गैरसैंण):
उत्तराखंड विधानसभा सत्र के पहले दिन का नज़ारा कुछ अलग ही रहा। जहाँ एक ओर सरकार अनुपूरक बजट और विधेयकों की औपचारिकताएं निभा रही थी, वहीं दूसरी ओर विपक्ष ने सदन को लोकतांत्रिक लड़ाई का मैदान बना दिया। कांग्रेस के विधायक कार्यवाही स्थगित होने के बावजूद देर रात तक सदन में डटे रहे और साफ कहा — “हम उठेंगे नहीं, जब तक सरकार जवाबदेह नहीं बनती।”
विधानसभा में विरोध का ‘रात्रि सत्याग्रह’
कांग्रेस विधायकों ने सदन को पूरी रात ठिकाना बना लिया है। उनका कहना है कि नैनीताल की घटना ने राज्य की छवि को धूमिल किया है और सरकार इस पर चर्चा से कतरा रही है।
विधायकों की मांग है:
नैनीताल के डीएम का ट्रांसफर
एसएसपी का सस्पेंशन ,फर्जी मुकदमों की वापसी,नैनीताल प्रकरण पर सरकार की सार्वजनिक जवाबदेही
उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी और बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला ने बातचीत में साफ कहा कि कांग्रेस चर्चा चाहती है, टकराव नहीं। लेकिन सरकार का रुख टालमटोल वाला है।
सरकार-विपक्ष वार्ता रही बेनतीजा
हालांकि, संसदीय कार्य मंत्री और विधानसभा अध्यक्ष की ओर से विपक्ष को मनाने की कोशिशें हुईं, लेकिन कांग्रेस अपने रुख पर अड़ी रही। बातचीत के बाद भी जब समाधान नहीं निकला, तो विधायक फिर से सदन के भीतर लौट आए।
सदन में हंगामा, माइक-टेबलेट टूटे, प्रश्नकाल ठप
दिनभर की कार्यवाही सिर्फ 1 घंटा 45 मिनट चली, बाकी समय विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गया।
हंगामे के दौरान सचिव की टेबल, माइक और नेवा टेबलेट को नुकसान पहुँचा। इससे नेता सदन और अन्य मंत्रियों के माइक भी प्रभावित हुए।
प्रश्नकाल नहीं हो सका।
फिर भी 8 विधेयक पेश किए गए और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2025-26 के लिए अनुपूरक मांगें रखीं।
अगला सत्र अब 20 अगस्त को सुबह 11 बजे
विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही को स्थगित कर दिया है, लेकिन कांग्रेस ने ऐलान कर दिया है — ये आंदोलन रात भर जारी रहेगा।
Discover more from सबसे तेज़ खबर
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
