
सबसे तेज खबर /उत्तराखंड अनु कुकरेती
देहरादून:उत्तराखंड में इन दिनों त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं। इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने एक बार फिर गैरसैंण को लेकर बड़ा बयान देकर सियासी हलकों में गर्मी बढ़ा दी है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा है कि यदि साल 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता कांग्रेस को सत्ता में लाती है, तो गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थाई राजधानी बनाया जाएगा।
हरीश रावत ने कहा, “गैरसैंण में विधानसभा भवन और बुनियादी ढांचे का निर्माण कांग्रेस सरकार की सोच और योजना का हिस्सा था। हमने राज्य की असंतुलित विकास की स्थिति को समझते हुए राजधानी को पर्वतीय क्षेत्र में स्थानांतरित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए थे।”
बीजेपी के ‘ऑपरेशन कालनेमि’ पर हरीश रावत का तीखा हमला
धामी सरकार द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन कालनेमि को लेकर भी हरीश रावत ने बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “कालनेमि की संस्कृति भाजपा की देन है। भाजपा ने धर्म के नाम पर जनता में डर और अंधभक्ति फैलाने का काम किया है, जिससे ढोंगी बाबा और तंत्र-मंत्र के नाम पर लोगों का शोषण हो रहा है।”
उन्होंने कहा कि अगर ऐसे पाखंडी लोग पकड़े जा रहे हैं तो यह अच्छा कदम है, लेकिन “कालनेमि” जैसा नाम बीजेपी के चरित्र को ज़्यादा सूट करता है, क्योंकि उन्हीं की नीतियों की वजह से समाज में ये स्थिति उत्पन्न हुई है।
ऑपरेशन कालनेमि में अब तक 223 गिरफ्तार, देहरादून से 111 आरोपी दबोचे गए
अब तक ऑपरेशन कालनेमि के तहत 1500 संदिग्धों से पूछताछ हो चुकी है, जिनमें से 223 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। इन ढोंगी बाबाओं और फर्जी तांत्रिकों में देहरादून से 111, हरिद्वार से 45 और ऊधम सिंह नगर से 66 गिरफ्तारियां हुई हैं। देहरादून से एक बांग्लादेशी नागरिक की गिरफ्तारी भी हुई है।
धामी सरकार द्वारा 19 से 22 अगस्त तक गैरसैंण के भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में मानसून सत्र आयोजित करने के फैसले के बाद से ही राजधानी की स्थायीत्व को लेकर चर्चाएं तेज़ हो गई हैं। ऐसे में हरीश रावत का यह बयान और भी अहम हो गया है।
उन्होंने कहा, “हमने भराड़ीसैंण में विधानसभा भवन इसी सोच के साथ बनवाया था। 2017 में हमने जनता से कहा था कि यदि हमें अवसर मिला, तो 2020 तक सारा इंफ्रास्ट्रक्चर और 2022 तक राजधानी शिफ्टिंग का काम पूरा करेंगे। लेकिन उस समय जनता ने गैरसैंण के नाम पर वोट नहीं दिया।”
मुख्यमंत्री रहते गैरसैंण को राजधानी क्यों नहीं बनाया? हरीश रावत ने दिया जवाब
जब हरीश रावत से पूछा गया कि उन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए गैरसैंण को राजधानी क्यों नहीं बनाया, तो उन्होंने कहा, “मुझे 2014 में उस समय मुख्यमंत्री बनाया गया जब राज्य भीषण आपदा से जूझ रहा था। पुनर्निर्माण और पुनर्वास की प्राथमिकता में हमने बुनियादी ढांचे पर काम किया, लेकिन स्थाई राजधानी बनाने के लिए पर्याप्त जनसमर्थन नहीं मिला।”
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार अगर 2027 में बनती है और जनता गैरसैंण को राजधानी बनाने के लिए स्पष्ट जनादेश देती है, तो कांग्रेस इस वादे को जरूर पूरा करेगी।
उत्तराखंड की राजनीति में जहां पंचायत चुनावों की सरगर्मी है, वहीं गैरसैंण को स्थाई राजधानी बनाने का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। हरीश रावत के इस बयान से कांग्रेस ने साफ संकेत दे दिए हैं कि वह आगामी विधानसभा चुनावों में इस मुद्दे को प्रमुख एजेंडे के रूप में इस्तेमाल करेगी।
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