सबसे तेज खबर /शिमला

शिमला जिले में पिछले दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित किया है। जिले के विभिन्न हिस्सों से भूस्खलन, पेड़ गिरने और सड़कें अवरुद्ध होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई स्कूलों और संस्थानों को एहतियातन बंद कर दिया गया है। खराब मौसम और लगातार बारिश के मद्देनज़र एसडीएम सुन्नी ने सुन्नी उपमंडल के सभी सरकारी व निजी स्कूल, कॉलेज, आंगनवाड़ी केंद्र और व्यावसायिक संस्थानों को आज बंद रखने के आदेश दिए हैं। यह निर्णय विद्यार्थियों, स्टाफ और आम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। बारिश के चलते सरकारी प्राथमिक विद्यालय नाल्टा की सुरक्षा दीवार ढह गई, जिससे उसके पत्थर स्कूल की रसोई और पानी की टंकी पर जा गिरे। जंगी-लुहरी-सुन्नी मार्ग भूस्खलन के कारण अवरुद्ध हो गया है, जबकि बिठल-किंगल मार्ग पर भी कई जगहों पर मलबा गिरने से रास्ता बंद पड़ा है। किंगल के पास सुबह से यातायात ठप है और मार्ग बहाल करने का कार्य जारी है।

ठियोग जल शक्ति उपमंडल के तहत अधिकांश उठाऊ पेयजल योजनाएं भारी सिल्ट की वजह से प्रभावित हुई हैं। वहीं, कुफ्ताधार-रज्ञान मार्ग पर आज सुबह एक पेड़ गिर जाने से यातायात दोनों ओर से बंद हो गया। अप्पर शिमला में छैला-शोलवा, शोलवा-घुंड, हुल्ली-घुंड-बनाड़ी, और सैंज-लुहरी सड़कें भी भूस्खलन की वजह से बाधित हैं। जुंगा तहसील के धौताली गांव में एक मकान के पीछे की दीवार भूस्खलन से गिर गई। घुंड पंचायत के बनाड़ी क्षेत्र और सैंज पंचायत के माई पुल पर भी भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं। देहा के घोरना कैंची में सड़क बंद हो गई है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में जेसीबी मशीनें तैनात कर दी हैं और जल्द यातायात बहाल करने के प्रयास जारी हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक यात्रा न करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह सतर्क हैं और राहत व बचाव कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।


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