देवभूमि हिमाचल प्रदेश की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी मेहनत, लगन, ईमानदारी और काबिलियत से राज्य और देश का नाम रोशन कर रही हैं। शिक्षा, खेल, विज्ञान, अंतरिक्ष से लेकर प्रशासनिक सेवाओं तक, प्रदेश की बेटियों ने अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। इसी कड़ी में एक उल्लेखनीय पहलू है – हिमाचल प्रदेश विद्युत विभाग में बेटियों की सक्रिय भूमिका। वह विभाग, जिसे आमतौर पर जोखिमपूर्ण और पुरुष प्रधान माना जाता है, उसमें हिमाचल की अनेक बेटियां कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं। चाहे बरसात हो, बर्फबारी या भीषण गर्मी – ये बेटियां बिना किसी झिझक के फील्ड में काम कर रही हैं और आपूर्ति को बहाल रखने में अहम योगदान दे रही हैं।

विशेष बात यह है कि इनमें कई बेटियां पूर्व में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलों में भाग ले चुकी हैं, जिन्होंने बाद में खेल कोटे के माध्यम से विभाग में प्रवेश पाया। उनकी कार्यकुशलता, साहस और निष्ठा उन्हें समाज के लिए प्रेरणा स्रोत बनाती है।जानकारी के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न जिलों में बेटियां न केवल फील्ड स्टाफ के रूप में, बल्कि कनिष्ठ अभियंता और सहायक अभियंता जैसे उच्च पदों पर भी वर्षों से उल्लेखनीय सेवाएं दे रही हैं। विद्युत आपूर्ति बहाल करने के दौरान जिन हादसों में कई कर्मचारियों की जान तक चली गई, ऐसे जोखिमों के बीच बेटियों की यह सहभागिता वास्तव में साहसिक और प्रेरणादायक है। यह समय है, जब अन्य बेटियों को भी इस कार्यक्षेत्र से प्रेरणा लेकर अपने आत्मबल को पहचानने की आवश्यकता है। घर की चारदीवारी से निकलकर कठिन चुनौतियों का सामना करने वाली ये बेटियां यह साबित कर रही हैं कि वे किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। हिमाचल की यह नई पीढ़ी न केवल तकनीकी क्षेत्रों में आगे बढ़ रही है, बल्कि अपने माता-पिता और प्रदेश को भी गौरवांवित कर रही है।


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